जौनपुर। जिले में चर्चित अजय सिंह हत्याकांड के बाद उत्पन्न तनावपूर्ण माहौल के बीच आखिरकार 48 घंटे बाद मृतक का अंतिम संस्कार संपन्न हो सका। परिजन प्रशासन की कार्रवाई से असंतुष्ट होकर शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर रहे थे और न्याय की मांग पर अड़े हुए थे। इस दौरान गांव में तनाव की स्थिति बनी रही तथा प्रशासन लगातार परिजनों को समझाने का प्रयास करता रहा।
बताया जाता है कि बीते 10 जून की रात पुरानी रंजिश को लेकर हुए विवाद में आधा दर्जन से अधिक लोगों ने 45 वर्षीय अजय सिंह पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल अजय सिंह की उपचार के दौरान मौत हो गई थी, जबकि घटना में अन्य लोग भी घायल हुए थे। घटना के बाद परिजनों में भारी आक्रोश व्याप्त था और वे आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

मृतक के परिजनों ने करीब 48 घंटे तक शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। गुरुवार को भी कई घंटों तक परिजन न्याय की मांग को लेकर डटे रहे। इसी बीच पूर्व गृह राज्यमंत्री एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी कृपाशंकर Singh मृतक के घर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।

कृपाशंकर सिंह ने परिजनों की समस्याओं और मांगों को लेकर पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह से फोन पर वार्ता की। साथ ही एसडीएम सदर और सीओ सदर से भी बातचीत कर परिजनों की मांगों को गंभीरता से लेने का आग्रह किया। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी तथा उनकी हर जायज मांग को प्रशासन के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा।

पूर्व गृह राज्यमंत्री के आश्वासन और प्रशासन द्वारा उचित कार्रवाई के भरोसे के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हो गए। इसके बाद मृतक अजय सिंह का अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया। परिजनों के मान जाने से प्रशासन ने भी राहत की सांस ली।
हत्याकांड के बाद गांव में फैले तनाव और आक्रोश के बीच कृपाशंकर सिंह की पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटा हुआ है तथा आरोपितों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

