जौनपुर। जिले की राजनीति में अपनी सादगी, जनसेवा और ईमानदार छवि के लिए पहचान रखने वाले पूर्व विधायक और वरिष्ठ भाजपा नेता समरू राम (85 वर्ष) का मंगलवार की शाम लखनऊ के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे जनपद में शोक की लहर दौड़ पड़ी। जिले के राजनीतिक, सामाजिक व धार्मिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
जानकारी के अनुसार, वे बीते चार माह से अस्वस्थ चल रहे थे। उनकी तबीयत 28 सितंबर को अचानक बिगड़ने पर परिवारजनों ने उन्हें लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां मंगलवार की शाम लगभग छह बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनके पुत्र एवं समाजवादी पार्टी नेता संजय सरोज ने बताया कि “पिताजी पिछले चार माह से बीमार थे। डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन आज शाम छह बजे उन्होंने हमें सदा के लिए छोड़ दिया। देर रात तक उनका पार्थिव शरीर पैतृक निवास पतौरा गांव लाया जाएगा और बुधवार सुबह 10 बजे सिंहौली घाट, गोमती नदी तट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा।
समरू राम का राजनीतिक जीवन प्रेरणादायक रहा। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत ग्राम और ब्लॉक स्तर से की थी। सन 1983 में वे मुफ्तीगंज ब्लॉक के प्रमुख चुने गए थे। इसके बाद 1991 और 2002 में केराकत विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए।
पूर्व विधायक के निधन की खबर मिलते ही जिलेभर के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और प्रशासनिक अधिकारी स्तब्ध रह गए। विधायक, सांसदों सहित तमाम नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। सभी ने कहा कि समरू राम के रूप में जिले ने एक सच्चे जनसेवक को खो दिया है, जिनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
