जौनपुर: जमीन की रजिस्ट्री के नाम पर 29 लाख रुपये लेने का आरोप, IGRS पर पहुंचा मामलाराहुल राजभर ने सैफ अली पर लगाए गंभीर आरोप, रकम मांगने पर धमकी देने का दावा; कथित AI फोटो को लेकर भी विवादजौनपुर। जमीन के सौदे में 29 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। वाराणसी निवासी राहुल राजभर ने जौनपुर के जफराबाद क्षेत्र निवासी सैफ अली के खिलाफ जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) पर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जमीन खरीदने के लिए रकम देने के बावजूद न तो जमीन की रजिस्ट्री कराई गई और न ही पैसे वापस किए गए। रकम मांगने पर धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।आरटीजीएस के जरिए 29 लाख रुपये देने का दावाराहुल राजभर के अनुसार, उन्होंने 4 अगस्त 2025 को सैफ अली पुत्र मोहम्मद अहमद शाह को जमीन खरीदने के लिए आरटीजीएस के माध्यम से 29 लाख रुपये का भुगतान किया था। आरोप है कि भुगतान के बाद जमीन की रजिस्ट्री कराने में टालमटोल की जाने लगी।शिकायतकर्ता का कहना है कि काफी समय बीतने के बाद भी जब जमीन उनके नाम नहीं हुई तो उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी। इस पर कथित तौर पर उनके साथ अभद्रता की गई और मारपीट की धमकी दी गई।राहुल राजभर ने यह भी आरोप लगाया है कि सैफ अली प्रभावशाली लोगों से संबंध होने का हवाला देकर उन पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।कथित AI फोटो को लेकर भी विवादजमीन के लेनदेन से शुरू हुआ यह मामला अब कथित AI जनरेटेड फोटो को लेकर भी चर्चा में है। राहुल राजभर का आरोप है कि उनकी तस्वीर को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक के माध्यम से तैयार कर मीडिया के लोगों को उपलब्ध कराया गया।इस मामले में लाइन बाजार थाने में मुकदमा दर्ज होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, मुकदमे से संबंधित विस्तृत जानकारी और पुलिस का आधिकारिक पक्ष अभी उपलब्ध नहीं है।कथित फोटो की वास्तविकता, उसके निर्माण और प्रसार से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इन तथ्यों की तकनीकी जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।IGRS पर लगाई न्याय की गुहारराहुल राजभर ने जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से पुलिस अधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कथित तौर पर दिए गए 29 लाख रुपये वापस दिलाने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की अपील की है।29 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध शिकायत विवरण में मामला लंबित दर्शाया गया है। ऐसे में शिकायत पर पुलिस की अंतिम कार्रवाई और जांच का निष्कर्ष सामने आना बाकी है।जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाईफिलहाल इस पूरे प्रकरण में जमीन की रजिस्ट्री, 29 लाख रुपये के भुगतान, कथित धमकी और AI से तैयार फोटो के आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।वहीं, इस मामले में सैफ अली का पक्ष सामने नहीं आया है। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।





