
सामाजिक और आध्यात्मिक जीवन के लिए महापुरुषों की वाणी मार्गदर्शक : पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी
वाराणसी। श्री सर्वेश्वरी समूह का 66वां स्थापना दिवस सोमवार, 21 सितंबर 2026 को अघोर पीठ, श्री सर्वेश्वरी समूह संस्थान देवस्थानम् एवं अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम, पड़ाव में संस्था के अध्यक्ष पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी के सान्निध्य में हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम में संस्था के पदाधिकारियों, सदस्यों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।

इस अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी ने कहा कि परमपूज्य अघोरेश्वर महाप्रभु एवं महापुरुषों की वाणी मानव जीवन को सामाजिक और आध्यात्मिक दोनों स्तरों पर उन्नत बनाने का मार्ग दिखाती है। उन्होंने कहा कि इन शिक्षाओं को केवल आध्यात्मिक साधना तक सीमित न रखकर पारिवारिक और सामाजिक जीवन में भी अपनाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि मनुष्य को माया से संघर्ष करने के बजाय अभ्यास, साधना, प्रार्थना और सदाचार के माध्यम से उससे ऊपर उठते हुए शिवत्व की ओर बढ़ना चाहिए। उन्होंने आलस्य और परावलंबन को पतन का प्रमुख कारण बताते हुए कहा कि व्यक्ति को अपने कार्य स्वयं करने, श्रम करने और अपने दायित्वों का निर्वहन करने की आदत डालनी चाहिए। प्रयत्न ही पुरुषार्थ है और पुरुषार्थ के बिना उन्नति संभव नहीं।
पूज्य गुरुदेव ने सत्य, सदाचार और विश्वास पर बल देते हुए कहा कि मनुष्य को किसी को धोखा देने, चोरी करने और लोभ से बचने का प्रयास करना चाहिए। तात्कालिक लाभ के लिए किया गया गलत कार्य भविष्य में बड़े नुकसान का कारण बन सकता है। उन्होंने परिवार और समाज में संवाद, सहनशीलता, क्षमा और संयम को आवश्यक बताते हुए छोटे-छोटे मतभेदों को स्थायी विवाद में बदलने से बचने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि जीवन सीमित है, इसलिए मनुष्य को संग्रह, छल-कपट, स्वार्थ और अनैतिक कार्यों में जीवन व्यर्थ नहीं करना चाहिए। भ्रष्टाचार से दूर रहकर नियम-कानून के अनुरूप जीवन जीना चाहिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य परिस्थितियों का दास नहीं, बल्कि अपने प्रयत्न और पुरुषार्थ से परिस्थितियों को बदलने की क्षमता रखता है।
प्रभातफेरी और पूजन कार्यक्रम
स्थापना दिवस के अवसर पर प्रातः सफाई-श्रमदान के साथ विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। सुबह श्रद्धालुओं की प्रभातफेरी पड़ाव आश्रम से प्रह्लादघाट, मछोदरी, मैदागिन, कबीरचौरा, लहुराबीर, कचहरी और पांडेयपुर होते हुए सारनाथ स्थित अघोर-टेकरी पहुंची। वहां परमपूज्य अघोरेश्वर महाप्रभु की चरणपादुका का पूजन एवं ध्वजारोहण संस्था के मंत्री डॉ. शिवपूजन सिंह ने किया।

इसके बाद श्रद्धालुओं ने आशापुर से पंचकोशी होते हुए पड़ाव स्थित अघोर पीठ आश्रम पहुंचकर कार्यक्रम में सहभागिता की। लगभग 9:15 बजे संस्था के अध्यक्ष पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी ने अघोराचार्य महाराजश्री बाबा कीनाराम जी की प्रतिमा का पूजन एवं सर्वेश्वरी ध्वजारोहण किया। अघोर शोध संस्थान एवं लाइब्रेरी के निदेशक डॉ. अशोक कुमार द्वारा सफलयोनि पाठ के बाद श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

प्रातःकाल श्रद्धालुओं द्वारा प्रभातफेरी निकालकर अघोरेश्वर महाविभूति स्थल से गंगाजल युक्त कलश लाए गए। इन कलशों को सर्वेश्वरी ध्वज के चबूतरे, आश्रम के मुख्य द्वार और गणेश पीठ द्वार पर स्थापित कर दीप प्रज्ज्वलित किए गए। प्रभातफेरी में बड़ी संख्या में श्रद्धालु निजी वाहनों के साथ शामिल हुए।

160 मरीजों और 72 अनाथ बच्चों को खाद्य सामग्री वितरित

स्थापना दिवस के अवसर पर श्री सर्वेश्वरी समूह की ओर से सामाजिक सेवा के तहत रामनगर स्थित लालबहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सालय में भर्ती 160 मरीजों तथा राजकीय बाल गृह अनाथालय के 72 बच्चों के बीच भुना चना, फल, बिस्कुट और फलों का जूस वितरित किया गया।
कार्यक्रम में चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक पी.आर. तिवारी, नेत्र सर्जन डॉ. संजय शर्मा तथा अनाथालय के अधीक्षक अशोक कुमार का सहयोग रहा। आश्रम की ओर से समूह के उपाध्यक्ष डॉ. ब्रजभूषण सिंह एवं सुरेश सिंह, प्रचार मंत्री पारसनाथ यादव, सदस्य देशरत्न पाण्डेय सहित अन्य स्वयंसेवकों ने सहभागिता की।
श्री सर्वेश्वरी समूह की ओर से बताया गया कि संस्था की देशभर में स्थित शाखाओं, आश्रमों और पूजा स्थलों पर भी 66वां स्थापना दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। वाराणसी के मड़ुवाडीह स्थित सर्वेश्वरी निवास प्रांगण में भी कार्यक्रम आयोजित हुआ, जहां श्री सुशील कुमार सिंह ने पूजन एवं सर्वेश्वरी ध्वजारोहण किया।





