अनुच्छेद 370 हटना और राम मंदिर निर्माण नए भारत की पहचान : कृपाशंकर सिंह

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जौनपुर, 05 अगस्त । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री कृपा शंकर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आज ही के दिन 6 वर्ष तक पहले अयोध्या में भगवान श्री राम के मंदिर निर्माण के लिए ओम पूजन करने और हमारी राष्ट्रीय एकता व अखंडता पर कलंक रहे अनुच्छेद 370 और 35-ए की समाप्ति के 07वर्ष पूर्ण होने की पर मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं।
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री ने कहा कि आज ही के दिन 5 अगस्त 2020 को देश यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में प्रभु श्री राम के भभ्य एवं दिव्य मंदिर के निर्माण हेतु भूमि पूजन किया था जहां पर आज बहुत ही दिव्य मंदिर बनकर तैयार हो गया है और प्रतिदिन लाखों लोग वहां पर दर्शन पूजन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही 5 अगस्त 2019 का दिन स्वतंत्र भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है, जब दशकों पुराने अलगाववाद और अन्याय का हमेशा के लिए अंत हुआ। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 और 35 ए का निष्प्रभावी होना केवल एक संवैधानिक सुधार नहीं था बल्कि ‘एक विधान, एक निशान, एक प्रधान’ के राष्ट्रीय संकल्प की पूर्णता थी। इसने जम्मू-कश्मीर के हमारे भाइयों-बहनों को मुख्यधारा से जोड़कर शांति, स्वाभिमान और समानता का एक नया सवेरा दिया है।
श्री सिंह ने कहा कि यह ऐतिहासिक परिवर्तन यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की अदम्य राष्ट्रभक्ति, दृढ़ इच्छाशक्ति और गृहमंत्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन और रणनीतिक नेतृत्व के बिना संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि पूज्य डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के बलिदान से लेकर मोदी सरकार के इस निर्णायक कदम तक, भाजपा सरकार ने सिद्ध किया कि राष्ट्रहित से बढ़कर कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि आज अनुच्छेद 370 हटने के 7 वर्ष बाद जम्मू-कश्मीर में शून्य पत्थरबाजी, थमती घाटी-बंदी, त्रि-स्तरीय पंचायती राज की मजबूती और रिकॉर्ड पर्यटन नए भारत की तस्वीर पेश कर रहे हैं। 1.13 लाख करोड़ का बजट, 9,800 करोड़ की सामरिक सुरंग परियोजनाएं, वंदे भारत ट्रेन और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं आज जन-जन तक पहुँच रही हैं।
श्री सिंह ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के संवेदनशील नेतृत्व में हुए इस ऐतिहासिक कार्य से जहां ‘एक देश-एक निशान-एक विधान’ का संकल्प पूर्ण हुआ, वहीं ‘सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास-सबका प्रयास’ भाव के साथ जुड़कर आज जम्मू-कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र विकास की नई ऊंचाइयों को स्पर्श कर रहे हैं। आज ये क्षेत्र ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को और अधिक सशक्त व नए आयाम प्रदान कर रहे हैं।

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