इस मामले में जिलाधिकारी जौनपुर सैम्युल पाल एन से निष्पक्ष जांच की मांग
जौनपुर। शहर के सिपाह तिराहे पर स्थित बेशकीमती नजूल भूमि को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि एक परिवार के द्वारा कथित तौर पर वर्षों से इस सरकारी जमीन पर कब्जा किया गया है। स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि प्रभाव और पैसे के बल पर सरकारी भूमि पर कब्जे को बरकरार रखा गया।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि उक्त भूमि वास्तव में नजूल की सरकारी संपत्ति है, तो इतने वर्षों से इस पर कथित कब्जे के बावजूद संबंधित विभागों ने क्या कार्रवाई की?
क्या राजस्व विभाग के अधिकारियों को इस मामले की जानकारी नहीं है? क्या जमीन के अभिलेखों की कभी विधिवत जांच हुई? और यदि जमीन पर अवैध कब्जा है, तो अब तक उसे खाली कराने की कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
इस मामले में जिला प्रशासन, नगर पालिका और राजस्व विभाग से निष्पक्ष जांच कराकर जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने तथा सरकारी संपत्ति सुरक्षित कराने की मांग उठ रही है।
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मामले में जांच कराता है या सिपाह तिराहे की यह बेशकीमती जमीन यूं ही विवादों में बनी रहती है।




