
नवम्बर—दिसम्बर में बीएसए से स्वीकृत चयन वेतनमान अभी तक न लगने पर शिक्षक नाराज
जौनपुर। जनपद में 72825, 29334 सहित अन्य शिक्षकों की स्वीकृत चयन वेतनमान के बाद वेतन निर्धारण में गम्भीर अनियमितताओं का मामला संज्ञान में आया है। आरोप है कि शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद वित्त एवं लेखा अधिकारी कार्यालय द्वारा प्रक्रिया में नियमों की घोर अनदेखी की जा रही है जिससे अनेक पात्र शिक्षक चयन वेतनमान के लाभ से वंचित रह गए हैं। बेसिक शिक्षा कार्यालय द्वारा सभी पात्र शिक्षकों के चयन वेतनमान की स्वीकृति का समय होने के बावजूद वित्त एवं लेखा अधिकारी कार्यालय द्वारा खंड शिक्षा अधिकारियों से परीक्षण हेतु ऑफलाइन सेवा पुस्तिका की मांग की गई है जबकि अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा तथा महानिदेशक स्कूल शिक्षा द्वारा यह स्पष्ट निर्देश दिया जा चुका है कि ऑफलाइन सेवा पुस्तिका की वैधता समाप्त की जा चुकी है और केवल मानव सम्पदा पोर्टल पर उपलब्ध ऑनलाइन सेवा पुस्तिका ही मान्य होगी।
इन आदेशों के बावजूद ऑफलाइन सेवा पुस्तिका की मांग को शासनादेशों का उल्लंघन माना जा रहा है। कई ब्लॉकों द्वारा ऑफलाइन सेवा पुस्तिका प्रस्तुत भी कर दी गई। इसके बाद कई ब्लाकों से यह शिकायत सामने आई कि सेवापुस्तिका में चयन वेतनमान संबंधित फिक्सेशन के नाम पर धन मांगा जा रहा है वास्तव में यह ऑफलाइन प्रक्रिया पूरी तरह से शिक्षकों का शोषण करने एवं धन उगाही का मार्ग है। उपरोक्त के संबंध में संगठन द्वारा जिलाधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं वित्त लेखा अधिकारी बेसिक शिक्षा को पत्र दिया जा चुका है। यदि फरवरी माह में इन सभी शिक्षकों का जिनका चयन वेतनमान स्वीकृत हुआ है। यदि वेतन के साथ नहीं जुड़ता है तो संगठन लेखा कार्यालय में एक बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा जिसकी सारी जिम्मेदारी वित्त एवं लेखा अधिकारी बेसिक शिक्षा की होगी।
