
जौनपुर। 30 सितंबर 2026 को ढेरही टोल प्लाजा पर किसानों द्वारा प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन से पहले किसानों और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। किसानों ने पांच दिन पूर्व जिलाधिकारी जौनपुर को ज्ञापन सौंपकर अपनी प्रमुख मांगों से अवगत कराया था।भू-राजस्व अधिकारी अजय अम्बष्ट की पहल पर किसान नेता अजीत सिंह डोभी के नेतृत्व में किसानों तथा राष्ट्रीय राजमार्ग के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पीयूष अग्रवाल सहित संबंधित अधिकारियों के बीच बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों ने अपनी चार प्रमुख मांगें अधिकारियों के सामने रखीं।किसानों की प्रमुख मांगें—अधूरे राष्ट्रीय राजमार्ग-233 पर टोल टैक्स की वसूली तत्काल बंद की जाए।किसानों को लंबित 14 वर्षों का ब्याज दिया जाए।सड़क दुर्घटनाओं में मृत व्यक्तियों के परिवारों को ₹1 करोड़ मुआवजा दिया जाए।अधूरे एवं व्यस्त मार्ग पर बड़े वाहनों की नो-एंट्री लागू की जाए, जिससे सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लग सके।किसानों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए भू-राजस्व अधिकारी अजय अम्बष्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों से किसानों की समस्याओं एवं मांगों को उच्च स्तर और संबंधित मंत्रालय को पत्र के माध्यम से अवगत कराने तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराने को कहा।बैठक में किसान नेता अजीत सिंह डोभी ने कहा कि जब तक शासन और संबंधित मंत्रालय की ओर से किसानों की मांगों पर कोई ठोस आदेश प्राप्त नहीं होता, तब तक 30 सितंबर 2026 को ढेरही टोल प्लाजा पर प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार किया जाएगा।किसानों ने कहा कि उनका आंदोलन किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि किसानों के अधिकार, सड़क सुरक्षा और अधूरे राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोल वसूली के समाधान के लिए शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से किया जा रहा है।




