चाकू, पंच और चेन लेकर पहुंचे युवकों ने कक्षा-9 के छात्र को रास्ते में घेरा, गंभीर रूप से घायल कर हुए फरार
वारदात के बाद एफआईआर में देरी पर उठे सवाल, छात्र के पिता की तहरीर पर स्कूल के छात्र समेत अज्ञात युवकों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत
जौनपुर।
सिटी कोतवाली क्षेत्र में सेंट पैट्रिक स्कूल से परीक्षा देकर घर लौट रहे कक्षा-9 के छात्र जैन शाह पर हुए प्राणघातक हमले के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। आरोप है कि चाकू, पंच और चेन लेकर पहुंचे युवकों ने राजा साहब के पोखरे के पास छात्र को घेरकर हमला किया। घटना के करीब साढ़े नौ घंटे बाद भी प्राथमिकी दर्ज न होने पर मामले में एडीजी वाराणसी जोन पीयूष मोर्डिया के हस्तक्षेप के बाद बुधवार की रात पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। छात्र के पिता की तहरीर पर स्कूल के छात्र अभिनेंद्र समेत अज्ञात युवकों के विरुद्ध प्राणघातक हमले सहित विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई। मुकदमा रात करीब 8:40 बजे दर्ज हुआ।
बताया गया कि 16 सितंबर को परीक्षा देकर छात्र करीब 11:15 बजे स्कूल से बाहर निकला था। वह पैदल राजा साहब के पोखरे के रास्ते अपने घर जा रहा था। आरोप है कि पोखरे के समीप अभिनेंद्र अपने करीब 20-22 नकाबपोश साथियों के साथ पहले से मौजूद था। छात्र के पहुंचते ही युवकों ने उसे घेर लिया। आरोप है कि उनके हाथों में चाकू, पंच और चेन थे। गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई और छात्र पर हमला कर दिया गया। हमले में सिर, गले समेत शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं और वह मौके पर अचेत हो गया।घायल छात्र को एक रिक्शा चालक अटाला मस्जिद स्थित क्लिनिक लेकर पहुंचा, जहां उसका उपचार कराया गया। छात्र ने हमलावरों में केवल अभिनेंद्र की पहचान की है। अन्य युवकों के चेहरे ढके होने के कारण वह उनकी पहचान नहीं कर सका।
एडीजी के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुआ मुकदमा
घटना के बाद प्राथमिकी दर्ज करने में हुई देरी को लेकर परिजनों ने पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया। आरोप है कि काफी समय बीतने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। बाद में मामला एडीजी वाराणसी जोन पीयूष मोर्डिया तक पहुंचा। उनके हस्तक्षेप और निर्देश के बाद पुलिस ने छात्र के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया।
प्राथमिकी में हमले की घटना के साथ आरोपितों के विरुद्ध अन्य संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस अब नामजद आरोपित अभिनेंद्र और अज्ञात युवकों की पहचान के साथ घटना में उनकी भूमिका की जांच कर रही है।
घटना के समय को लेकर भी सामने आया विरोधाभास
मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर एक और सवाल घटना के समय को लेकर उठाया गया। परिजनों के अनुसार घटना सुबह करीब 11:15 बजे हुई थी, जबकि पुलिस स्तर से अधिकारियों को घटना का समय अपराह्न तीन बजे बताए जाने की बात सामने आई। इसी दौरान प्राथमिकी दर्ज करने में हुई देरी को लेकर भी सवाल उठे। एडीजी के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रात में मुकदमा दर्ज किया।पुलिस का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर घटना की जांच की जा रही है। आरोपितों की पहचान, घटनास्थल के आसपास उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




