महरेव में कथित तौर पर चोरी-छिपे नष्ट कराई जा रही थीं लाखों बोतलें, नाबालिग बच्चों से काम कराने का भी आरोप; आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज

जौनपुर। जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र के महरेव में एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक की बड़ी खेप को कथित तौर पर चोरी-छिपे नष्ट कराए जाने का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। मामले में करीब 10 ट्रक एक्सपायरी कैंपा कोल्ड ड्रिंक की बोतलों को नष्ट कराए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि इस दौरान नाबालिग बच्चों से भी काम कराया जा रहा था। जिलाधिकारी सैम्युल पाल एन के संज्ञान लेने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच के लिए कई विभागों की टीमें गठित की हैं। वहीं, संबंधित आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जलालपुर थाना क्षेत्र के महरेव स्थित एक मकान के पास बड़ी संख्या में एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक की बोतलों को नष्ट कराया जा रहा था। आरोप है कि इतनी बड़ी खेप को निर्धारित प्रक्रिया के तहत नष्ट कराने के बजाय जौनपुर में गुपचुप तरीके से यह काम कराया जा रहा था। बताया जा रहा है कि खेप को वाराणसी अथवा कंपनी के दिल्ली स्थित मुख्यालय में नष्ट कराने का निर्देश था। हालांकि, इस संबंध में जारी निर्देशों और उनके उल्लंघन की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

नाबालिगों से काम कराने का आरोप
मामले में सबसे गंभीर पहलू यह है कि एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक की बोतलों को नष्ट कराने के दौरान कथित तौर पर नाबालिग बच्चों से काम कराया जा रहा था। खुले स्थान पर बड़ी मात्रा में पेय पदार्थ की बोतलों को नष्ट किए जाने से आसपास के लोगों और पशुओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि यदि एक्सपायरी पेय पदार्थ बच्चों या पशुओं के संपर्क में आ जाता अथवा उसका सेवन कर लिया जाता, तो स्वास्थ्य संबंधी खतरा उत्पन्न हो सकता था।
स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी उठे सवाल
इस मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि संबंधित व्यक्ति को थाने लाए जाने के बाद छोड़ दिया गया था। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम में उसकी भूमिका की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
डीएम के संज्ञान के बाद प्रशासन सक्रिय
मामले की जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी सैम्युल पाल एन ने जांच कराकर कार्रवाई करने की बात कही। इसके बाद जिला प्रशासन ने खाद्य विभाग, श्रम विभाग और केराकत के उपजिलाधिकारी समेत कई अधिकारियों एवं विभागीय टीमों को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। प्रशासन की ओर से मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।

कई बिंदुओं पर होगी जांच
जांच में एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक की खेप कहां से आई, उसे नष्ट करने के लिए क्या प्रक्रिया निर्धारित थी, जौनपुर में उसे नष्ट कराने की अनुमति थी या नहीं तथा नाबालिग बच्चों से काम कराने के आरोपों की पड़ताल की जाएगी। इसके अलावा संबंधित दस्तावेजों, खाद्य सुरक्षा मानकों और स्थानीय स्तर पर हुई कार्रवाई की भी जांच की जा सकती है।
फिलहाल, पूरे मामले में प्रशासनिक जांच के नतीजों का इंतजार है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक की इतनी बड़ी खेप को जौनपुर में नष्ट कराने के पीछे क्या परिस्थितियां थीं और किन लोगों की जिम्मेदारी तय होती है।




